Sangram Singh :- Health, Fitness, Wrestling and Much More

December 24, 2024 • 00:27:42
Sangram Singh :- Health, Fitness, Wrestling and Much More
Vickypedia
Sangram Singh :- Health, Fitness, Wrestling and Much More

Dec 24 2024 | 00:27:42

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Show Notes

Wrestler, Actor, Motivational Speaker Sangram Singh was in our studios where we spoke about food, health, wrestling and much more.

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Episode Transcript

[00:00:00] Speaker A: ट्वेंटी दिसम्बर आज का डेट है और बहुत ही सुपर इंट्रस्टिंग गेस्ट हमारे स्टूडियो में आ गए हैं और उनसे हम बात करेंगे। इन फैक्ट थोड़ी देर। पहले हम बता भी रहे थे कि संग्राम सिंह हमारे स्टूडियो में है। सो बहुत बहुत स्वागत है। रली थैंक यू वेरी मच। आप हमारे स्टूडियो में आये। संग्राम जी वा वेलकम टो यू यस वाम. [00:00:16] Speaker B: वेलकम थैंक यू विवेक जी थैंक यू नीताजी फॉर वाइटिंग मी और आप सब को देख के, आप सब का हौल देख के बड़ा अच्छा लग रहा है. [00:00:27] Speaker A: हमें भी बड़ा अच्छा लग रहा है। यह मौसम इतना अच्छा हो गया है और ये सही टाइम है दुबई में आने का और इंजॉय करने का, दुबई आना जाना होता है। संग्राम जी एंड नो वर्क रिलेटेड आते घूमने के लिए अट्रेक्शंस इंजॉय करने के लिए। वैसे. [00:00:41] Speaker B: क्या है कि मैं 1 मैच था दुबई में, फरवरी में, तो उसे 23 महीने पहले आया था, फिर तब से वो मालिक मुझे मौका दे रहा है, किसी में मैं आता हूँ तो उसी के लिए आता हूँ, बाकी मेरी ट्रैवलिंग बहुत होती है, मैं महीने में 20 22 दिन ट्रैवलिंग करता रहता हूँ तो फिर उसी में घूम लेता हूँ जा जाता है। और मेरा मानना यह है की जहाँ पे जाओ न, जहाँ पर भी रहो तो आपका विजिट है या आपकी प्रेजेंस है ओ मीनिंग, फुल होनी चाहिए, एग्जैक्टली सार्थक होनी चाहिए तो उसका फायदा. [00:01:15] Speaker A: है बराबर कहा आपने इम्पैक्ट होना चाहिए, हर जगह जहाँ जाते हो और लोगों के चेहरे पर 1 मुस्कान भी आ जाता है। जब संग्राम सिंह को देखते हैं रेसलर मोटिवेशनल स्पीकर इज वेल आपकी लाइफ जर्नी इतनी कमाल की है और इतनी अमेजिंग स्टोरीज इतनी इंस्पायरिंग है। संग्राम जी इंस्पीरेशन आप देते हो लोगों को काफी मोटिवेट भी उन्हें करते हो, बट यू सही राह पर चल रहा है, अकॉर्डिंग टो यू। आज ना अगर आप देखें सोशल मीडिया का इतना इन्फ्लुएंस रहा है। हम सबकी लाइफ में देखिये. [00:01:46] Speaker B: मैं 1 बात कहूँगा कि आजकल जमाना चेंज हो गया है, और जो नए बच्चे हैं वो शायद हमारे ऐसे क्रिएटिव ज्यादा है मगर मैं 1 बात कहना चाहूँगा की वायरल या ट्रेंड है न, ये पल भर का है, सही बोला लेगेसी फोरएवर है. [00:02:03] Speaker A: क्या बात है. [00:02:04] Speaker B: इंसान क्या है की फेमस तो कैसे हो सकता है, आजकल मैं देख रहा हूँ की कोई सोशल मीडिया के लिए कुछ एक्टिविटी करते हैं, फेमस हो जाते हैं, कोई डिफ्रेंट एक्टिविटी करते, फेमस हो जाते देखो मेरे को कोई गलत है मैंने बोला न की अब सब अलग है. [00:02:16] Speaker A: सब अलग है. [00:02:17] Speaker B: जब जब बहन भाई अलग है, 2 भाई भाई अलग है, उनका खान, पान, रहन, से सब कुछ अलग है, मगर हमें सोचना चाहिए की हम जो भी कार्य कर रहे हैं, मैं 1 बात सोचता हूँ, हमेशा मेरे दिल में बात रहती है की मेरा देश मान तो मेरा क्या योगदान अगर उसका किसी समाज में कुछ हो रहा है, इंसानों को हो रहा है, मतलब किसी यंगस्टर को हो रहा है, बाकी किसी को हो रहा है तो हमारा करना सार्थक है, नहीं तो बहुत से सौरी, नहीं। तो बहुत से हम ये सोचते हैं कि भई ये करना जिंदगी क्या है। जो कपड़े पहन खेलों निकाल लिए जायेंगे, सुई तक लेके जा नहीं सकते है। हम कर रहे हैं भागादौड़ी में 1 दुसरे को करने में। तो मेरा मानना यह है की भाई जिंदगी जो मिली है न लाइफ मिली है के जो मैंने बोला की कबीर साहब ने बड़ी अच्छी बात बोली है, जिंदगी वो नहीं मिलती है, जिंदगी वो बनाते हैं के कबीर कुआ 1 है, पानी भरे नेक कबीर कुआ 1 है। पानी भरे अनेक बर्तन में ही भेद है पानी सब में 1 क्या वाह, क्या बात है। तो लाइफ तो 1 ही है। वो हमारे ऊपर है कि उसका प्रोस्पेक्टिव क्या है, उसको देखने का नजरिया क्या है? या बाकी चीज करने का क्या है? जितनी जिंदगी में मुसीबतें आयेंगी, जितनी चुनौतियाँ आएंगी, जितने आप एक्सपीरियंस करोगे तो उसमे क्या है अच्छी बात है आपका पुरा बढ़ेगा और मैं 1 बात। तो जिंदगी में हमेशा सोचता हूँ की भैया मैं कभी नहीं आरता वाह या जीता, मैं सीखता हूँ, क्या बात है। आई डोंट बिलीव, इन सक्सेस और डिफिटाइंजवाई प्रोसेस अरे वाह. [00:03:52] Speaker A: एथलीट के माइंडसेट को लेकर हम थोड़ा सा जानना चाहते हैं, बात करना चाहते हैं की जब आप रेस्लिंग में प्रोफेशनल रेसलिंग आप खेलते थे, और अब जो आप मेंटल स्टेट में है, इसका अगर आप बता सके कैसे पहुंचे इस मेंटल स्टेट में देखिये. [00:04:09] Speaker B: मैं तो आज भी खेलता हूँ, अभी मन किया, मैंने सब कहते थे कि भैया ये फोर्टीज है, केले नहीं है, क्यूंकी ट्वेंटी का स्पोर्ट पागल है। तो मेरा मानना है कि बिंग, नोमलीजबोरिंग, आरे वाह और पागलपन के स्पष्ट के बिना ना कोई प्रतिभा हो ही नहीं सकते। तो इसलिए लाइफ में जिंदगी में क्या है की और लाइफ इज और मैसेज मैं सोचता हूँ की माई, लाइफ इज माई, मेसेज मे शोर, शुड, बी इंस्पायरिंग सो, हमेशा मेरा मानना ये है की आप कितना घूम लोगे, कितना क्या कर लोगे, कितनी चीजे कर लोगे, 1 लाइफ में 1 फंडा रखो की याद रखो द बेस्ट स्लीविंग इस मे बात हमेशा बोलता हूँ द, बेस्ट स्लीविंग इस सेल्फलेस गिविंग सेल्फलेसलेसगिविंग ठीक है। अगर आप किसी को कुछ कर रहे हो और बदले में कुछ उम्मीद करे तो डुइंग बिजनेस, फिर आप बिजनेस कर लो तरीके से सही बोला है, और अगर आप सेल्फलेस करते हो न तो आपको स्ट्रेस एंग्जाइटी डिप्रेशन कभी होगा नहीं। आप सेल्फलेस ये करके देखो और उसी का ये यह सारी चीज है की कैसे आप सेल्फलेस ये चीजें कर सकते हैं। ये ये चीजें हो सकती हैं। [00:05:25] Speaker C: जो आपकी जोनी रही थी, बड़ी फिनोमिनल है, आपने डेली पुलिस में भी काम किया था, उसके बाद आपने काफी सेलेब्रिटीज के साथ भी कोलाबरेशन की है। वो लाइफ के. [00:05:34] Speaker A: बारे में बताइए सेलिब्रिटी आस्पेक्ट जो आपने एक्सपीरियंस किया है उसके बारे में थोड़ा सा जानना चाहता है। वो कैसा था. [00:05:41] Speaker B: देखिये मेरा मानना ये है की जैसे गाँव से मैंने स्टार्ट किया, रूमेटिका, थटिसपेेंटथाफिर सारी चीज वहाँ से ऐसे से आगे आए खुद पता नहीं होता तो बहुत बल फैमिली से आये। जो मेरी लाइफ का रिजेक्शन है, वही मेरा मोटिवेशन है। वाह मैं चल नहीं सकता था, खड़ा नही सकता था तो मौका मिला के अपने देश को रिप्रेजेंट करने, कंट्री के लिए खेलने का। फिर मैं बहुत बातचीत कर नही सकता था। क्यूंकी ब्रूमेडिकरसाइडीस इतना खतरनाक था की मेरी टंग से स्लाई ये सब बाहर आता था। अच्छा फिर मैं इंडियन आर्मी से लेके रेसलिंग। फेडरेशन ऑफ़ इंडिया का पहला ब्रांड बेस्ट था। फिर ढेर सारी जगह जाने का मौका मिला। इतनी इतनी ज्यादा पढाई में उच्च। एकेडमी तो मैं कर नहीं पाया की भई हमारा तो टारगेट थ्री परसेंट ले लो. [00:06:23] Speaker A: घर वाले पीटेंगे पास के निकाल लेगे. [00:06:28] Speaker B: तो वहाँ से आया घरवाली पीटते थे। पड़ोसी पीड़ित स्कूल में मास्टर वाले पी में नही पता की स्ट्रेस क्या एंजाइटी का डिप्रेशन क्या है. [00:06:36] Speaker A: क्यों बोला आपने सही बोला इतनी मार. [00:06:38] Speaker B: खाई। हम तो अब बात करते है की भैया बच्चे को डांटो बच्चे के दोस्त बन के रोग हमारी कमर पे जूतिया छपी रहे। हमारे फादर कितनी नौकरी. [00:06:47] Speaker A: पहनते हैं। मम्मी का चप्पल बेल 1. [00:06:50] Speaker B: बार बड़ा बड़ा इंट्रस्टिंग फैक्ट बताऊँगा की 1 बार। मेरा रिजल्ट आने वाला था, जैसे मान लो कल तो मेरे फादर साहब कहीं जा रहे थे, बाहर बोल उठा के उनके 2 जूते मारे निकाल के बहुत तो दूसरा, बोला पीठ के, कल इसका रिजल्ट कल मैं यहाँ हूँ, नहीं तो हमें तो पता है की भैया क्या करेगा। लड़का तो हमारा ही है, हम उस फैमिली ऐसी आय है। तो भी बात करते हैं की बच्चों की दोस्त बड़ी अच्छी बात, दोस्त बनो मगर याद रखो 10 से 18 साल तक उसके शिक्षक बनो। आजकल नाइंटी एट परसेंट लोग बच्चों को पालते हैं, सिर्फ 2 पर्सेंट प्रवेश करते है। प्रवेष करना क्या होता है। याद रखो कभी भी पढाई को सीखने के बीच मत आने 2 पढाई से आप क्या सीख पाओगे सिर्फ थोड़ा इंग्लिश बोल लोगे, लिख लोगे या दूसरी भाषा बोल लोगे, लिख लोगे? जो आपके वैल्यूज हैं न, उससे आप सीखते हो. [00:07:40] Speaker A: जो घर पर मिलता है. [00:07:41] Speaker B: जो घर पर मिलता है, जो आप माहौल से देख के सीखते। तो मैं इसे ही कहना चाहूँगा। ढेर सारे माता पिता के भैया, जो आपकी एक्चुली पूंजी है न, वो आपके बच्चे आपको पैसा देने से रोटी नहीं देंगे, इनकी वैल्यू दे। 2 तो आपको रोटियां देंगे, वो आपकी इज्जत करेंगे। बात हमेशा बोलता हूँ की सब विल छोड़ के जाते हैं। अब अपने बच्चों के लिए गुड विल छोड़ के जा। ये क्या बात. [00:08:02] Speaker C: है। गोल्ड लाइन से ज से आये. [00:08:05] Speaker A: संग्राम जी पंच पर पंच दिए जा रहे हैं। आज. [00:08:09] Speaker B: तो मैं वही बात कह रहा हूँ न की जैसे मैंने बोला ठाकुर के ठाकुर बनते है, मैं वहाँ के लिए मुझे मौका मिलता। मैं बहुत कार्य करता हूँ उनकी फिटनेस के लिए, हेल्थ के लिए। 1 आम इनसान। उसके लिए तो मैंने कई चीजें ऐसी इजाद की है, ऐसी बनाई है कि भई आप कुर्सी बैठे बड़े सोला वाकआउट कर सकते हैं। अरे वाह आपको 13 फीट चौड़ा 6 फीट लंबा एरिया चाहिए। मैं टाल के साथ बिगनिंग लेवल से नेशनल का वॉकआउट करने के लिए अरे वाह और आप मेरे अनुसार आप 2000 रूपए महीने में रोजी रोटी के अलावा 1 डाइट सफिसिएंट है, आपको 1 बनने के लिए क्या बात है? [00:08:47] Speaker A: यार ये तो मतलब सबके दुकान. [00:08:52] Speaker B: दुकान सदर रही है। मान लो आज कल भागते हैं कि भई ये चीज खा लो, वो चीज खा लो, ये प्रोटीन, ये नापते रहते है। बच्चे हाँ, मैं कह रहा हूँ कि भैया मान लो मुझे मिलता है, मुझे सैलरी मिलती, अगर कोई मुझे डेढ़ 2 लाख रुपए देगा तो मैं कहा से काम करूँगा। मैं सोंगा चतरतानकेआरामसे तो हमारी बॉडी का जो इंटरलीपार्हैनअगर, हम बाहर से, इसमें कुछ डालते हैं, ये प्रोटीन, ये विटामिन, ये चीजें, वो चीजे तो इंटर काम करना छोड़ जाते हैं। अच्छा थोड़े दिन बाद वो मशीन ठप पड़ जाएगी तो 40, 45 के बाद कभी थोड़ा प्रोटीन ले लिया। तो ठीक है भैया, उससे पहले का आपको क्या इतनी जरुरत है. [00:09:29] Speaker A: आपके अंदर, इतनी शक्ति, क्षमता है. [00:09:30] Speaker B: क्षमता है बिल्कुल क्षमता, और बहुत सी बोलती है की आप सूर्यास्त के बाद खाना मत खाओ। अब दूध मत पिओ मत खाओ। 2 चपेट मारो या पता नही अब मान लो कोई फिल्म देखता हूँ की सूर्यास्त के बाद खाना मत खाओ, खाना तो मत खाओ। ठीक है। बताओ आम इंसान बेचारा फ्री होता है। 89 बजे 10 बजे बराबर मैं कहता हूँ, 11 बजे खाना खता हूँ, 12 बजे खाना खाता हूँ खाओ मगर आप 1 डेढ़ घंटा बाद सो जाओ, उसके एक्सरसाइज हर रोज करो जो दिल करे खाओ। यही उम्र खाने पीने के बाद में फिर सूप भी पीना है। [00:10:02] Speaker A: एग्जैक्ट ली सू तो पी नहीं. [00:10:06] Speaker C: नहीं ये बड़ी अच्छी बात, यह संग्राम जी ने यही उम्र. [00:10:10] Speaker B: मीठा खाओ, मीठा खाने से क्या होता है की चेहरे पर चमकते शरीर में ताकत आती है, मीठा ना कहाँ से टेस्ट सुन बने। शुगर छोड़ 2 जो वो जो पहले खड़े में जाते थे, मारने से आते डे हो जाते, वो कहते है जिनको मार ही सकते थे। अब मैं वहाँ पर इंडिया में ढेर सारे पड़ोसन देते है। ये शुगर छोड़ 2 डेयरी खुद अपनी बड़ी सत्यानाश करके बैठे हो. [00:10:32] Speaker A: कली. [00:10:35] Speaker B: मीठा खाओ, भैया जैगरी खाओ, आप गुड खाओ, खाओ, शैद खाओ, मिश्री खाओ, अच्छा ये सब खाओ, मैं सच बताऊँ मैं न मैं 1 दिन में 10 10 लीटर दूध पीता था. [00:10:49] Speaker A: जब कुश्ती करते थे. [00:10:50] Speaker B: कुश्ती करते थे। अब मैं अब एम एम कर रहा हूँ, हा हूँ प्रोफेशनल एम कर रहा हूँ तो अब भी मैं 1 लीटर दूध हर रोज पीता हूँ। क्या बात है, ढेर सारा मीठा लडडू खाता हूँ, खाता हूँ। हर रोज डेढ़ सौ 200 ग्राम। तो यही तो है जो आप ताकतवर बनायेंगे है, और ये कल्चर हमारा वही है जो एशिया कल्चर है उसमे भैया आप दूध खाओ, दूध पिओगे खाओ जैसे हूँ। तो मै तो यही खाऊँगा मीठा खाओ लड्डू बोलते है। शुगर बड़ी 4 दिन में बनती है। मैंने। शुगर छोड़ा अरे भैया ये सारे कर रहे है। आपको सिक्स साइज दिखाने के लिए कर रहे हैं। 1 दीवार गिरने वाले बार से डिस्टम्बरकरदिया थोड़ी. [00:11:32] Speaker A: तो गिरेगी आपको अंदर से मजबूत हो. [00:11:34] Speaker B: आप को मजबूत हो। मेरा मानना यह है फिटनेस का पैमाना सिक्स पैक जीरो साइज नहीं है, आपने दैनिक के आसानी से करो, आपको नींद आराम से आ गई तो आप फिट हो उसके लिए पैमाना लगे की कोई स्टेट चढ़ता है, कोई चलता है, कोई बाकी चीज करता है। अब मैं यहाँ पर सोच रहा हूँ की भई फर्स्ट अखाड़ा फिटनेस टूडियो लेके आओ। वर्ल्ड कप या है. [00:11:55] Speaker C: अखाड़े मेरी क्वेश्चन थी आपके लिए क्या करने वाले हैं? [00:11:58] Speaker B: आप ले अखाड़ा अखाड़े की मिटटी से क्या सौ महीना दूर हो जाता है, आपकी जितनी स्किन की बीमारी से दूर हो जाती है। फिर मैंने कहा फिर कुछ ऐसा लेके आओ रेस्लिंग प्लस सेल्फ डिफेंस सिखाओ यहाँ पर स्कूल से लेकर हर जगह फिर के जिम खोल। 2 आप बाकी चीज करो तो मेरा यहाँ के के यहाँ आये हैं, जब मालिक मौका दे रहा है तो ये चीजे करो और क्या है कि उसी के लिए मैं मेरा उद्देश्य पता है। से 1 है, हम पश्चिम की तरफ जा रही हूँ। वो लोग क्या थे, ते थे, वो खाना सेव करके रखते थे, जो आजकल हम सब इतनी ठंड होती थी वहाँ पर वो किसी जानवर का शिकार किया, दूसरा किया, वहाँ वहाँ पर फ्रीज कर दिया, बाकी चीजें फ्रीज कर दी। अब इंडिया में आजकल वही कर रहे हैं, दुबई में भी शायद वही कर रहे हैं। तो मैं बता मैं यही कह रा किसके लिए कमा रहे हो, किस के लिए चीजें कर रहे हो। अगर आप भी मैं 1 बात कई जगह बोलता हूँ, मैं 1 सुई तक ले जा नहीं सकते, न कुछ रह सकता, जो कपड़े पहन रखे है भी निकाल लिए जाएंगे कुछ कम से कम आप हेल्दी तो जी, खुश तो जी, अब आप मीठा छोड़ दोगे, आप आप दूध की छोड़ दोगे, आप बाकी किसके लिए जी रहे हो? भैया बाकी छोड़ दोगे तो का करोगे क्या है? अब बहुत से बोलते हैं कि नहीं मैं तो आज कल 1 नया फॉर्मेट विगन हो गया। बड़ी बात है बात अगर आपको मिलता है तो बस कौन रखेगा? तो मैं सोचता हूँ चलो भाई आपको शूट नही बोलते की मैं नहीं पी सकता, मतलब जेंलाइजनहींकर सकते हम जहाँ है वो हम दूध पीके की खाके या गेम की रोटियाँ खा के, या ये जवार बाजरा के बड़े आजकल आपको गेहूं की रोटियां खानी है. [00:13:47] Speaker A: ग्लूटन होता है. [00:13:48] Speaker B: ग्लूटेन होता ये स्पेलिंग डॉक्टर मिल गया, मुझे 3 दिन पहले बोला सारे तो ऐसे सब आपको होगा, बोला क्यू 2 मी स्पेलिंग की ये ढेर सारे बनते मिलते है, क्या हरा चारा के से दूध कैसे देती है, साइंटिस्ट है अच्छा बड़ी सी चलती है बड़ी साइंस सी। आज कल के बच्चे क्या कहेंगे ओ माई गोड ये पीजा नाइन कैलरीज आये वन थाउजेंड, कैलरीज था अरे कैसे समझा उनको बच्चों को क्या भैया वो शरीर से नही चलता, कैलरी कैलरीज हो गयी, दूसरा होगा पता कैलरीज क्या होती है, मैं बाहर क्या बोलू रोटिया। तोलती अब मैं हँसता हूँ। भैया आज तक मेजरमेंट का नहीं पता की क्या मेजरमेंट है, क्या कुछ है तो 1 दिन 1 डॉक्टर आया, ऐसे मिलने आ गया, 1 इंटरवयू चल रहा था, वो घर से नहीं आई थी, लड्डू आये हुए थे, 5 खा गया और दूध भी गया, देख रहे इस वेरी हम फुल हेल्थ र्वसकौनसीलतोबताओ खुद तो सत्यानाश करके बैठे हो, ताकत है नहीं यार बाकी है नही। तो मैं यही कहूँगा की भैया जितने चाहे स्प्रिचुल लीडर है या दूसरे है या सोशल मीडिया इन्फ्लेंसरहै की अगर आपकी रूट कमजोर हो जाएगी तो आप गिर जाओगे, उससे अलग मत करो। हमारा कल्चर वही है कि भाई दूध पियो गी खाओ, बाकी चीज खाओ, बाकी चीज करो और सोर्स अच्छा कर लो देखो मिला उठ तो आजकल हर जगह हो गई है। बाकी देखो भई मिलाउत नहीं हो, दूध कितना ही खराब है, मिलाउटवालाहउसेगरम करके थोड़ा आदी डाल दिया न तो उसमे शुआ जाती है। पानी चीजे, पानी कितना खराब है, पानी गर्म करके, थोड़ा थोड़ा ठंडा करके, पी लो, गरम करके, थोड़ा नम करके तो पानी में शो जाती है। ऐसे ही हमारा शरीर है, विचार है कि भैया आपने जब सोचा न सही चीज कर देखो। याद रखो जो आपकी तारीफ कर रहा है, न प्रशंसा कर रहा है, वो आपकी स्थिति देखता है, जो आपकी परवा करता है वो आपकी परिस्थिति देखता है। अरे री तो तो लाइफ में जो ये सब बात करते है न की 6 बजे बाद खाना मत खाओ, फिर गुटका बेच 2 तो ये सब सब फालतू बात करते सेलिब्रिटीज देख लो। [00:16:08] Speaker A: आप ढेर सारे सेलिब्रिटीज सही बोला है. [00:16:10] Speaker B: सूर्यास्त के बाद खाना ना नहीं खाता, मैं 45 साल से करता गुटका भलाई बेच 2. [00:16:16] Speaker A: उसे भी हजार कॉं्टरवयसिजहो समझो. [00:16:20] Speaker B: मेरा मानना ये है की मैं कभी कोल्डिंग गुटका वाइन बैटिंग में कोई प्रमोट नहीं करता, बराबर क्यूँकि ये युद्ध के लिए सही. [00:16:30] Speaker A: नहीं है। सही सही रहा जो जो. [00:16:32] Speaker B: देश को आयेगा फिर कुछ नहीं आएगा सही बोला आई बिलीव इन दिस, ये तो चलो मजाक की बात थी, उनका, वो अपना अलग सोचते है मगर मेरा मानना ये है मगर मैं बहुत देखता हूँ इंडिया में सेलिब्रिटी जो आप कह रहे हैं, सेलिब्रिटी कौन है दे आर नोट हीरो हीरो वो इंसान है जो समाज के लिए, देश के लिए, अच्छा कार्य करता है। दे आर जस्ट इंटरटेनर मैं अभी कर रहा हूँ, म जस्ट इंटरटेनर में कर रहा हूँ. [00:16:56] Speaker A: आप मटन नहीं हो. [00:16:58] Speaker B: जी नहीं अगर मैं शो कर रहा फिल्म है, हाँ आप शो कर रहा हूँ, फिल्म कर रहा तो इंटरटेन तो इंटरटेन है, बागी मल्टी क्या अनाज ले लेता था। अनाज उठा उठा के दाने कटा कर रहे, कहीं प्रवचन दे 2 कहीं कुछ कर? 2 कहीं कुछ कर? 2 तो वही है। तो मेरा मानना यह है की 1 सबकी रिस्पोंसिबिलिटी है, मगर मैं देखता हूँ, कई सेड पार्ट है की बहुत लेजेंडरी क्रिकेटर हैं या कुछ लेंडी एक्टर हैं जो गुटका तंबाकू या एल्कोल प्रमोट करते है तो वो मुझे बड़ा पेन देता है। जिनको देख के हम बड़े हुए है। किसी को नाम ले, टारगेट करना, उनके पास पैसे की कमी थोड़ी है। [00:17:42] Speaker A: पैसे के लिए। तो देखो. [00:17:44] Speaker B: जहाँ 35 करे, 2 रोटी से 1 रोटी पे आ जायेंगे। सही बोला। तो मैं उन सब को कहना चाहूँगा की भई चाहे कोई स्प्रिचुअल लीडर है, चाहे कोई एक्टर है, चाहे कोई इन्फ्येंसरहैकी, अगर आप कोई कार्य करने से। अगर समाज में, देश में कोई बदलाव अच्छा आता है तो वह मीनिंग फुल है, नहीं तो फिर उसका फायदा है, नहीं तो आप कोई भी 1 काम ऐसी कोशिश करो, वो सब करो कि जिससे आप कुछ अच्छा लेके, आओ, बदलाव लेके आओ, आई रिस्पेक्ट एवरीवन, यह तो मगर वही है की कुछ देने से आओ है लेने के लिए, तो सभी देने के लिए, उससे आओगे भई ठीक है। अब जैसे मैं मुझे मिलता है ढेर सारी जाने का, ढेर सारे यूथ से मिलने का, ढेर सारी उनसे इंटरेक्ट करने का जो जो नाइटी नाइनटी नाइन परसेंट मार्क्स ले आते है। अब में सोचता था या तो हम बहुत खराब थे, हमारे मास्टर खराब थे, हमें कभी 40 पर्सेंट में पास नहीं हुआ, आप यकीन करेंगे, मैंने ऐसे लेटर किया है। बाद में मैं कभी अपनी किसी भी क्लास में, टेंथ में, ट्वेल्थ में, कभी सेकंड डिविजन का अच्छा और फेलवेलहोजातेतोनोमल होता। मगर। फिर मैंने देखा जो वैल्यूज के साथ जो हम बड़े हुए हैं। मुझे आज भी याद है मेरे माता पिता पढ़े लिखे न मेरी माँ। मुझे 1 बात कहती थी की भैया दूसरे का पैसा, उसका पैसा है, दूसरे बहन बेटी हमारी बहन बेटी है। क्या बात है तो वो जो वहाँ से जो हम आये है, जो वैल्यू इतने इतने स्ट्रोंग है की कभी भी पढाई को सीखने के बीच में नहीं आने देना चाहिए किताबों से सिर्फ क्या होता है, साक्षर बनते है, साक्षर का होता है, जो डिग्री लेके आता है। शिक्षित। तो आप वैल्यू ऐसे ही बनते हैं। क्या. [00:19:24] Speaker C: बात जो स्ट्रोंग आइडिया, आपको किताब लिखनी चाहिए। ग्ैक्लीीआपनेइतने सारी कोलाबरेशन भी किए हैं। बॉलिवुड स्टार्स आपने अपना जो बात की थी, आपने जो बैकग्राउंड से आये है, ये जो मेंटालिटी, आपकी जो सोच है, ये जो है दुबई में हमारे जैसे बच्चे, वी वन तो लोट या आप शुरू. [00:19:45] Speaker B: कर रहे हैं। बहुएजाकटलीतोमैं इसीलिए स्टार्ट कर रहा हूँ। देखो याद रखो, जैसे घर में माता पिता, नई जेनरेशन और कमाई पे लगे रहते हैं, वो सब पे लगे रहते। एक्चुअली कमाई आपके बच्चे है, इंसान है दादाजी बोले बेटा इंसान का पैसा कमाने की जरूरत नहीं है, पैसा और फल है न। आपको फल या छाँव बड़ा पेड़ देगा, गमला थोड़ी देगा। तो घर में जो बुजुर्ग है न उनकी इज्जत करो। और फिर दूसरा पता क्या होता है की वे मैच और वी डैमेज नोटे जो सीखते हैं, पिस्ता में बोलते है, जिंदगी में सफल होना। रास्ता। बता 2 कि कैसे हम सक्सेस हो, मैंने सक्सेस का पैमाना क्या रास्ता। बहुत. [00:20:30] Speaker A: सारे पैसे नही सुने। [00:20:34] Speaker B: अब पैसा कमाना या किसी पोस्ट पर आना या बड़ा सा घर लेना या बड़ी सी गाड़ी लेना, वो सक्सेस तो है नहीं, मैं उनको 1 बात बोलता हूँ की भैया सक्सेस वो है। अपनी पसंद काम करते हुए फेल हो जाना सक्सेस है। इस दूसरी फिल्म में टॉप करना वेरी नाइस. [00:20:51] Speaker A: ऐसा लग रहा है। मेरी सिचुएशन है. [00:20:54] Speaker C: मेरे लिए तो 1 लाइफ लिंग है। [00:20:55] Speaker B: यहाँ पर लेट तो याद रखो की सफलता ही दूसरी फिल्म में आपने टॉप कर लिया। 1 बात सुनिए डॉक्टर था, रिनाउंड डॉक्टर था, उसका फिफ्टी बरसत डे था और वो पदमश्री, पदम भूषण ढेर सारे। अवार्ड मिले तो उसके जन्मदिन पर प्राइस से लेकर प्रेजिडेंट से लेके सब को शुभकामनाएं भेजते प्रोग्राम रखा। सब गेस्ट आने वाले हैं। वैसे डांसर स्टार्ट हुए जो डांस करने वाले हैं। रोने लग गया तो वो प्रोग्राम ने जिसने किया था। बोला जी गलती रह गई। आप तो इतने बड़े आदमी बोला नहीं गलती तो कोई आप रो क्यों रहे हो? तो बोला मैं इसलिए रो रहा हूँ कि मैं डॉक्टर बनना ही चाहता डांसर बनना चाहता लेबल। अच्छा सुनो तो बोला क्यूँ आप तो इतने सफल हो। बोला सफल हूँ। बोला मैं जब किसी डांसर को देखता हूँ न तो मेरा दिल है न मैं अन्दर से रोता हूँ की अगर मैं रोड पर भी फुट नाचता न, भले ही मुझे नहीं मिलता तो मैं ज्यादा खुश रहता, मेरी लाइफ सक्सेसफुल होती, अब मेरी लाइफ सक्सेसफुल नहीं है। तुम बच्चों को ही समझाता हूँ की भैया माता पिता को समझाता हूँ की बच्चों को न वो मत बनाओ की भैया इंजीनियर बनेगा, डॉक्टर बनेगा, यह बनेगा क्या पता उसको यू ट्यूबर बनना क्या पता उसको स्पोर्ट में जाना क्या एक्टर बनना हो एक्ट्रेस बनना जो करना करने 2 लाइफ में और सक्सेस आपको तब आती है जब आप हर परिस्थिति का सामना करते है। अगर आप बच बच के रहोगे न सेफ जोन में रहोगे तो इसमें फायदा क्या है कहानी सुनिए 2 पेड़ 1 बच्चा 2 पेड़ ले आया पूछने लगा दादा सफल कैसे होना बोला 2 पेड़ घर पे लगा दे। कई बार लगा 2 और 10 साल बाद आता है वाले पेड़ को देखते दिखा पेड़ बन गया है। बोला भई बड़ी अच्छी बात है पेड़ बन गया था बाहर वाले देख लो जहाँ बोला तो टूट गया तो वृक्ष बन गया था पशु बैठे थे उसके नीचे ढेर सारे बैठे थे गर्मियों में जरा सी वृक्ष क्यों बना सको कंफर्ट माहौल मिला उसको पानी मिला को मिला वो करते रहे वहाँ पर उसने पशुओं से उसने झेला, मौसम से उसने झेला, इंसानों से उसने झेला है सब जेल के इतना बड़ा वृक्ष बन गया तो भैया लाइफ में अगर आप कुछ करना है जब सब कुछ अगर सब कुछ ठीक चल रहा निजी चल रहा है तो भैया आपकी प्रगति नहीं हो रही है सारी सिचुएशन आपके कंट्रोल में और आप किसी कंट्रोल वो कर रहे है नोट गोइंग, न राइट ओके जब जिंदगी में पता ही नहीं की आगे क्या होना है, सब कुछ वे चल रहा है तो गोइंग राइट क्या बात है यार आयम. [00:23:15] Speaker C: रिलीज एगजैक्टली पी ले रही है सब. [00:23:20] Speaker B: कुछ तो जिंदगी में अगर सब कुछ मिल जाएगा। कंफर्ट जोन पर आ गया। फायदा छोटी सी जिंदगी है इसमें, अगर आपने सीखा ही बोले, चाय पीते। अखबार पड़ते टाइम इधर उधर हो गया तो सोचेंगे पता नही भूकम्प आ गया, लाइफ पता क्या हो गयी भैया। उन्होंने शीट टाइम पे नहीं किया, नया टाइम पे, ना खाना तो जिंदगी हो गई जिंदगी, ये नहीं है जिंदगी क्या मतलब क्या है कि हर परिस्थिति, हर चीज जो जो उससे लड़ो, उसे फाइट करो, उससे आगे आओ, जिंदगी नहीं। वो तो आनंद है और इतिहास है। इतिहास कभी भी भोगी लिखा जाता, इतिहास हमेशा त्याग योगा लिखा जाता है, जो त्याग करता है, जो जो फाइट करता है, जो वो करता है। आप भी मुझे। 1 बात याद है जब बगत सिंह साहब को पकड़ा गया था न तो सब उसके बारे में उसको आतंकवादी बोलते थे, उसके बड़े बड़े पदों में बैठे बोलते थे की ये तो ये है, देश द्रोह है, ये है, वो है। अब इतिहास गवाह है कि भगत सिंह साहब को फांसी हो गयी, चले गए। आज भले ही उनकी नोट फोटो नहीं है, मगर हिंदुस्तान का यानि भारत और पाकिस्तान का, शायद कोई ऐसा ले जाएगा जहाँ सिंह साहब की फोटो नहीं हो गई। क्या बात है, क्या बात टाइम गवाई देता, अपने उससे बने रहो, जिसको जो कहना है, वो कहते हो, वो तो सबका अपना कहना होता है, जो आपका वो करना पड़े के बगैर खीचे कमान के न चले, कोई तीर बिना के पुरुषार्थ के साथ. [00:24:47] Speaker A: देगी तकदीर क्या वाह यार संग्राम जी, समय समाप्त हो रहा है, लेकिन बहुत ही जबरदस्त सेशन रहा है। हम उम्मीद करते हैं आप फिर से आयेंगे, सारी चीजे हमारे साथ शेयर करेंगे। इतने अच्छेअच्छे मेसेज आ रहे है आपके लिए। सब लोग थैंक यू भी बोल रहे हैं। आपको जी. [00:25:04] Speaker B: सबको ढेर सारा शुक्रिया धन्यवाद। और मेरा मानना यह है कि भैया व रिजनल जो आप हो, जिंदगी जी, फोटो को भी कितनी खूबसूरत है, वो ओरिजनल का मुकाबला कर नहीं सकते। [00:25:16] Speaker C: आप आये थे यहाँ पर, दुबई प्रो, इंटरनेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए, फेवरिट, इतनी सारी, वन्डरफुल बातें कह रहे हैं। संग्राम सिंह जी, रेसलिंग का जो माइंड सेट है, वो निकल के उभरे हा है। इन टर्म्स. [00:25:28] Speaker B: ऑफ़, वर्ल्ड, यू, नो. [00:25:30] Speaker C: क्यूकी इतनी आसानी से आप बोल देते हैं, जो अखाड़े में होता है और जो रियल लाइफ के चैलेंजेस जो आप बात कर रहे हैं। यह सारी जो चीजें अगर नहीं होती तो आप कहीं और होते। तो अगर आप रेसलिंग के बारे में बात करना चाहते हैं, इन टर्म्स ऑफ इंस्पायरिंग। यहाँ के बच्चे आप कुछ कहना चाहेंगे, कुछ एडवाइस देना चाहेंगे. [00:25:48] Speaker B: मैं हर माता पिता को, हर बच्चे को एडवाइज देना चाहूँगा की भैया स्पोर्ट्स उनको जरूर खिलाओ स्पोर्ट, स्टार्ट करवाओ देखो। अगर वो खिलाड़ी बनते है, सक्सेसफुल हो जाता है, बड़ी अच्छी बात है। अगर किसी कारण से खिलाड़ी बन गए तो भैया डी सी पेन रहेंगे, सौ साल तक हेल्दी रहेंगे, अच्छे ही रहेंगे, बेहतर रहेंगे। तो सबसे बेहतरीन बात वही है। और मैं 1 बात कह रहा हूँ की भैया अगर आपने लाइफ में अपनी हेल्थ ठीक कर ली तो आपने नाइनटी परसेंट अचीव कर लिया। क्या बारी इमपोरटेंट बाकी टेन परसेंट है जो ये चीज है ये ऊपर नीचे जहाँ जो कुछ जाना बच्चे को नहीं कहूँगा की भैया उल्लू मत बनो टाइम से सो जा करो जो आजकल के बच्चे होते हैं न जैसे ढेर सारी बीमारी होती है। जो डॉक्टर साहब हमें बोलते हैं वे शुगर है, बी पी है, कैंसर है, जवाइनडीसरथाटीस है बोलता हूँ ये बात वो बीमारी नहीं है, लाइफ स्टाइल डिजीज है। अगर हमारी लाइफ स्टाइल ऊपर नीचे होती है तो ठीक और दूसरा टेंशन नही लेना भैया टेंशन लोगे न कितना कुछ खा पी लो, कितना आराम कर लो लगेगा आनी। और आजकल तो बोलते हैं पार्टी एनिमल ढेर सारे करते है। मैं बोलता हूँ पार्टी एनिमल है। 40 के बाद चले कैमिस बन जाते हैं। 6 बजे खाने है, 7 बजे 8 बजे खाने है भैया इंसान बन जाओ। और जब भी टाइम मिले मैं अपनी लाइफ में 2 ही काम करता हूँ वर्क या वर्क आउट तो जब भी टाइम मिले वो सब करो। आज कल में बहुत फोर्चुनेट हूँ के मालिक मुझे मौका दे रहा है, टीवी शो करने का, फिल्म करने जा रहा है और रेसलिंग करने का, म करने का तो बाकी वही है लाइफ बहुत छोटी है जो चाहे वो कर लो और कोई डरना नहीं है पास फेल कुछ है नहीं हमारे से सिकंदर चला गया, हमारे बड़े बड़े चले गए तो हम क्या है। तो जब तक है खूबसूरत रहे, हंसते रहे, हंसते रहे बिल्ली जिंदगी है और आपने. [00:27:27] Speaker A: हमें इतना प्रोत्साहित किया है, इतना इंस्पायर किया है संग्राम जी इतने अच्छे अच्छे मेसेज आ रह है वापस आप प्लीज हाँ बहुत जल्दी आइए दुबई हमें हास मिलरहा आपको वेलकम वापस करेंगे थैंक यू सो मच बहुत बहुत शुक्रिया फॉर योर टाइम टुडे थैंक यू जी. [00:27:41] Speaker B: थैंक यू सो मच।

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